रविवार, 16 मार्च 2025

चुटपुटिहा

(बीस बरीस पहिले ह्वाट्सअप के जमाना ना आइल रहुवे. हँ मोबाइल आ गइल रहुवे आ ओकरा पर तब एसएमएस से लोग छोट मोट - चुटपुटिहा - पोस्ट लिखल करे. तब ई एक एक कर के अँजोर होत रहल. बाकिर अब पुरनका अंजोरिया पर अँजोर भइल सगरी चुटपुटिहा एहिजा एके जगहा दीहल जा रहल बा. कुछ पर भेजे वालन के नाम बा, कुछ पर नइखे. बाकिर रउरा एहमें से कवनो चुटपुटिहा अपना सोशल साइट पर डाल सकिलें. अंजोरिया के आभार जता देब त हमरो खुशी होखी, ना जताएब त कवनो शिकायत ना होखी. - संपादक)

 चुटपुटिहा

 

जिनिगी बहुत छोट होले.

मुसुका लीं जबले दाँत बा.

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अगर भोजपुरी लिखे पढ़े बोले बतियावे ना आवे त भोजपुरी के नाम रउरा से नइखे होखे वाला रउरा नाम कमा लीं से अलग बात बा.

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हम जानत रहनी कि क्रिकेट के खेल गजबे होला. एक न एक दिन हमनियो से खराब खेले वाला आ जइहें.

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आज पता लागल कि पार्टी के उपाध्यक्षो पद खास होला. जे जाने से तनी बतावे त सही कि भाजपा, जदयू, अकाली दल, बसपा, सपा के उपाध्यक्ष के ह? भा के के ह?

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बेइज्जति आ बीबी एके जइसन होले.

कइसे?

दुनु तब अउर नीमन लागेले जब दोसर के होखे.

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राहुल के उमेद बढ़ गइल बा.

- काहे?

काटजू के कहना बा कि नब्बे फीसदी हिंदुस्तानी बोका हउवें.

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कवि जी कविता सुनावत रहलें -

हम उहे हईं बस समय बदल गइल बा.-

सामने से आवाज आइल --

सियरा उहे ह बस रंग बदल गइल बा.

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कवि जी कविता सुनावत रहलें -

हम उहे हईं बस समय बदल गइल बा.-

सामने से आवाज आइल --

सियरा उहे ह बस रंग बदल गइल बा.

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बबुआ के बिआह काहे नइखे होखत?

माई रोजे कहत रहेली बहु मत दीं, बहु मत दीं.

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तुहूं लूटऽ हमहुं लूटीं लूटे के आजादी बा.

सबले बेसी उहे लूटी जेकरा देह पर खादी बा.

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पता ना बैंगन टमाटर के बाकी फलन से कवन झगड़ा भइल जे आजु ले ओहनी के तरकारिए में गिनल जाला.

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कान के कान कहल बर्दाश्त ना कइल जा सके. राजनेता तय कइलन कि कार्टूनन पर कार्टून बनावे पर रोक लगावल जाव.

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ओकरा से पूछब हम कि हमहन के काहे चोर कहलसि.

काहे सही बात कहलसि काहे ना कुछ अउर कहलसि ?

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पीएम अधिकारियन के सलाह दिहलन -

चढ़ि जा बेटा सूली पर भला करेगा राम!

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बुड़बक जिन्दा रहें त चाल्हाक खइला बिना ना ना मुए.

ना मानऽ त जा के बाबा दरबार में देख ल.

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"एह सरकार में के के ईमानदार बा?"

"जे जे अबहीं ले पकड़ाइल नइखे!"

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" हमरा लगे आर्कूट बा, ट्विट बा, फेसबुक बा. तोहरा लगे का बा? "


"काम धंधा."

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सब जगहा हारत कांग्रेस मणिपुर कइसे जीत लिहलसि?

प्रचार करे खातिर राहुल गाँधी ना गइल रहले.

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अधरतिया में एगो विद्यार्थी मोबाइल पर :- ए गुरुजी दिन वाला पाठ फेर बता सकीलें का ?

गुरुजी :- का बात बा ? बहुत बढ़िया लागल रहे का ?

विद्यार्थी : - ना, असल में हमरा नींद नइखे आवत आ सूतल चाहत बानी.

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नेताजी कहलन कि उनुका पार्टी के सरकार बनल त शिक्षा, पानी, दवाई सब मुफ्त कर दिहल जाई. जनता पूछलसि, आ एह सब के पइसवा केकरा बाप से लिहल जाई ?

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तोहरा बारे में दोसर केहु का सोचत बा, ई सोचल तोहार काम नइखे.

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हमरा से झूठ बोलल तोहरा खातिर जरूरी नइखे. एह काम खातिर सरकार बड़ले बिया.

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कई बेर बेमारी से बेसी नुकसान इलाज के खरचा कर देला. इलाज से त ना बाँच सकऽ, बेमारी से बाँचे के कोशिश करीहऽ.

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हम अपना बीबी खातिर गोली खा लेब. बशर्ते ओकरा के कवनो बन्दूक भा पिस्तौल से मत छोड़ल गइल होखे.

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आलसी के कवनो ईनाम होखे त बतइहऽ. केहू ना केहू के भेज देम ले आवे खातिर.

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चार लोग एके दिसाईं तब चलेलें जब पाँचवा कान्ह पर होखे.

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हम झूठ एकदम ना बोलीं. कम से कम तोहरा से त नाहिये. आ कम से कम एह बारे में त नइखिंये बोलत, विश्चास करऽ.

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हम झूठ एकदम ना बोलीं. कम से कम तोहरा से त नाहिये. आ कम से कम एह बारे में त नइखिंये बोलत, विश्चास करऽ.

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पुरनका जमाना बढ़िया काहे लागेला ?

उमिर का साथ याददाश्त कमजोर होत गइला से.

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अगर समय धन होला त हम काहे अबहियो दिवालिया बानी जेकरा लगे समये समय बा ?

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का अन्तर पड़त बा कि तू हरलऽ कि जीतलऽ. बोलबऽ त हर बेर जीतहीं के बतिया !

जियत रहऽ ! कमरी ओढ़ के घीव पियत रहऽ.

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दिल्ली भूकंप पर


प्रधानमंत्री भूकंप के कायराना हरकत बतवले.

गृहमंत्री भूकंप के निंदा कइले.

भाजपा केन्द्र सरकार से पूछलसि कि ऊ भूकंप काहे नइखे रोक पावत.

राहुल गांधी भूकंप वाला इलाका देखे गइले.

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जब रउरा अपना ताकत पर सन्देह करीले तब रउरा अपना सन्देह के ताकत दे दीले - प्रभु चावला के ट्वीट

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जब पार्टी के मुँह अपना नेता का तरफ आ पिछाड़ जनता का तरफ होखे त जनता लतियावल छोड़ के करे का !

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केहू के आलोचना करे से पहिले ओकर जूता पहिर के एक माइल चल लऽ. एह तरह से जब तू ओकर आलोचना करबऽ तब ओकरा से एक माइल फरका होखबऽ आ ओकर जूता तोहरा गोड़ में होखी.

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सतसइया के दोहरे अरु नावक के तीर

देखन में छोटन लगे घाव करे गभीर.

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तेल के दाम बढ़ी त महँगाई बढ़ी. महँगाई बढ़ी त आम आदमी के तेल निकले लागी. आ आम आदमी तेल देवे लागी त महँगाई अपने आप कम हो जाई.


केन्द्र सरकार के फण्डा.

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भठियरपन का खिलाफ लड़ेवाला हर आदमी संघी ना हो सके.

फेर संघ के प्रचार कर के कांग्रेस के का भेंटाई ?

भठियरपन के तगमा ??

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चिदम्बरम जी, लुंगी सम्हारऽ हवा तेज चलत बिया.

( टाइम्स आफ इण्डिया पर एगो पाठक के टिप्पणी.)

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बाग बगइचा राहे पइचा

ठग बटमार भरल बाड़े स.

जनता जनता माला जप के

आपन कोष भरत बाड़े स.


एह नेतवन के कवन भरोसा

रोजे खाल बदल लेले सँ.

करत घोटाला रोजे रोजे,

भासन देत टहल लेले सँ.

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आजु के समस्या :

बाबा रामदेव का मुँह में कुछ जात नइखे, आ

मनमोहन का मुँह से कुछ निकलत नइखे.

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जे बीस का उमिर में समाजवादी ना भइल ओकरा लगे दिल नइखे.

जे चालीसो का उमिर में समाजवादी बनल रहि गइल ओकरा लगे दिमाग नइखे.

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इलाज सरकारी ना चाहीं,

पढ़ाई सरकारी ना चाहीं.

बाकिर नौकरी सरकारिये चाहीं.....

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खबर -

अँजोरिया फेर शुरु हो गइल.

कहाउत -

बजलऽ ए शंख, बाकिर बाबाजी के पदा के !

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खबर -

भगोड़ा आतंकी का लिस्ट में शामिल वजहुल कमर खान देशे में मौजूद बा.

कहाउत -

गोदी में लड़िका, भर गाँव ढिंढ़ोरा

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खबर -

सुप्रीम कोर्ट का नजर में देश के कानून अमीरन खातिर बा.

कहाउत -

समरथ के नहीं दोष गुसाईं


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के कहत बा कि देश के एक तिहाई पर अब महिला राज बा?

एहिजा त हर घर में महिला राज जमाना से चलत आइल बा.

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कामवेल्थ घोटाला होखे भा टू जी,

रेप होखे भा हेराफेरी,

चेहरा तोपला के जरुरत नइखे.

जतने लोग चिन्ह लेव,

चुनाव मे फयदे करी.

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पाकिस्तान में केहू सुरक्षित नइखे, इहाँ तक कि बिन लादेनो. जबकि हिन्दुस्तान में सभका सुरक्षा बा आ सबले बेसी अफजाल आ कसाब खातिर. जय हो !

- प्रभाकर पाण्डेय

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अमेरिका पाकिस्तान में घुस के अपना दुश्मन के मार गिरवलसि. हमनी का अपना दुश्मन के सरकारी दामाद बना के रखले बानी जा. धिक्कार बा ! कि कहीं जय हो ?

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ईमानदार दू तरह के होलें. पहिला ऊ जेकरा मौका ना मिलल. दोसर ऊ जेकरा हिम्मत ना भइल.

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जे खुद कुछ नइखे कइले ऊहे दोसरा के कुछ करे से रोके में सबले आगा रहेला.

- चीन के एगो कहावत

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खरबका के हिंसा ओतना नुकसान ना करे जतना निमनका के चुप्पी कर देले.

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अगर सभे रउरे तरफ बढ़ल आवऽता त देखीं रउरा कहीं गलत दिशा में त नइखीं जात.

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आफिस से बाहर बानी. टॉयलेट, एसी, बेड, इमेल कुछऊ नइखे. जबले बेल ना मिली तबले जेल.

- टूजी मामिला में जेल गइल एगो कंपनी अधिकारी के एसएमएस

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हिम्मत से साँच बोलऽ त खिसियात बाड़े लोग

रो रो के बात बोले के आदत रहल ना अब.

- सुभाष राय

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चइत में रामजी जनम लें हो रामा, घरे घरे. घरे घरे आनन्द बधईया हो रामा, घरे घरे.

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बजलऽ ए शंख बाकिर बाबाजी के पदा के !

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भारत के जीत खातिर सचिन तेंदुलकर के लाख लाख धन्यवाद कि ऊ जल्दी आउट हो गइलन.

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गोतिया के काट गोतिये करेला. पड़ोसी के काटऽ तब नू जानी ....

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कुछ लोग एह चलते जिन्दा रहि जाला कि ओह लोग के मुआवल गैरकानूनी होला...

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होली का सुरुर में भोला बाबू आइना देखत सोचलन

एह आदमी के कहीं देखले बानी.

तब याद पड़ल

हँ उहे कमीना हऽ

जवन हमरा शादी का अलबम में हमरा बीबी का साथे रहुवे....

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आज मुबारक काल्हु मुबारक

होली के हर मिनट मुबारक

रंग बिरंगी होली में

हमरो एगो रंग मुबारक....

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हमरा एसएमएस के जवाब ना भेजलऽ

त जान लीहऽ

सोमार का दिने

तू हरिया पियर करिया लाल बन जइबऽ..

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गलत बुझइला पर आपन बात बदल दिहल खराब ना होला, बात पर अड़ल खराब होला. कहल गइल बा कि बीस का उमिर में कम्युनिष्ट ना भइल त ओकरा लगे दिल नइखे, पचास का पारो कम्युनिष्ट रह गइल त ओकरा लगे दिमाग नइखे.

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प्रणाम करे खातिर झुकल लड़की के का देखाई देला ?


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- ओकर संस्कार.

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तीनो इडियट सफल रहले एकर एगो कारण बताईं.


- कवनो के बिआह ना भइल रहे.

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एगो कार से एगो तोता के चोट लाग गइल.

तोता बेहोश हो गइल.

कार वाला ओकरा के उठा के घरे ले गइल

आ मरहम पट्टी कर के पिंजड़ा में राख दिहलस.

जब तोता के होश आइल त कहलस

बाप रे, जेल !

ड्रइवरवा मर गइल का ?

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केहू से प्यार कइल पागलपन हऽ

केहू प्यार करे त उपहार.

प्यार करे वाला के प्यार कइल कर्तव्य हऽ

बाकिर जेकरा के तू प्यार करऽ

जब ऊ तोहरा से प्यार करे लागे

त जिनिगी बन जाले.....

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खुश रहे खातिर तीन चीज के जरुरत होला

कुछ करे के होखे

केहू प्यार करे वाला होखे

मन में कवनो चीज के आस होखे....

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तोहार कर्म तोहार करम बदल सकेला

बाकिर तोहार करम तोहार कर्म ना कर सके.

नियत ठीक राखऽ त

नियति तोहार कुछ ना बिगाड़ पाई.

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आशावादिता के परिभाषा :


दुबई में फ्लैट खरीदऽ आ ओकरा बेचा जाये के उमेद करऽ.


दू गो अरबी मिल जुल के का बिजनेस करेले?:

एगो बालू पर अपार्टमेंट के नक्शा बनावेला आ दोसरका ओकरा के देखा के भारत के नयका धनपशुवन के बेच देला.

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कहल जाला कि बुड़बक के पांच गो रुपिया दे दऽ, बुद्धी जन दऽ.


तोहरा के कतना दे दीं?

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छोट लोग पइसा पइसा करेला

बड़ लोग टाइम टाइम.

महान लोग रास्ता बनावेला

छोटका लोग बस पाछा पाछा चल देला

कामकाजी लोग एसएमएस करेला

निकम्मा लोग बइठल पढ़त रहेला

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तोहरा के नौकरी से काहे निकाल दिहल गइल?


बीमारी आ परेशानी का वजह से.


का हो गइल रहे?


हमरा काम से मालिक अतना परेशान हो जात रहे कि ओकरा बोखार लाग जात रहे.

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मस्त रहऽ, आबाद रहऽ,

ईहाँ रहऽ चाहे इलाहाबाद रहऽ!

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रात भर जागल मत करऽ

सूत लिहल करऽ.

आँख में झलकल लोर मत रोकऽ

रो लिहल करऽ

हमरा याद में त रहबे करेलू गुमसुम

कबो कबो

अपनो याद में खो लिहल करऽ

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अइसनका काहे होला कि

जवन मिलल बा

तवन चाहत ना रहे

जवन चाहत रहे

तवन मिलल ना.

त का मिललके के चाहल जाव?

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चिउँटियन के कतार देखले बाड़?

कतनो व्यस्त रहेली सँ

बाकि अपना सामने से आवत चिउँटी से बिना बतियवले आगा ना बढ़ऽ सँ.

आवऽ कुछ ओकनियो से सीखल जाव.

आ हमेशा एक दुसरा से जुड़ल रहल जाव.

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पेड़ से गिरल पतई आ

नजर से गिरल आदमी

दुबारा उपर ना चढ़ पावे.

एहसे सम्हर के चढ़ीहऽ

आ हमेशा मुसुकात रहीहऽ....

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खुदा करे कि तोहरा

होंठ से मुस्कान मत हटे,

दुनिया में कबो केहू

तोहसे ना रूठे.

मेहरबान होखे तोहरा पर

उपर वाला अइसे कि

आसमान के तारो

तोहरा से पुछिये के टूटे...

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पईसा झंझट के जड़ हऽ

पईसा दुश्मन पैदा कर देला

पईसा जिनिगी के नरक बना देला.

हम तोहार दोस्त हईं

आ तोहरा के एह संकट में ना देख सकीं,

एहसे

आजुवे अपन सगरी पईसा हमरा खाता में भेज दऽ

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हमेशा आबाद रहऽ

एहिजा रहऽ चाहे इलाहाबाद रहऽ

भगवान हर खुशी देस तोहरा के

भले ओह खुशी में हम

होखीं भा ना होखीं

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मत पूछऽ कि बा कहाँ मंजिल तोहार?

अबहीं सफर के इरादे भर बा.

ना हारब कबो हौसला हम उमिर भर.

दोसरा से ना खुद से वादा ई बा.

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जो हम सच नइखी बोलत त तू समझ लीह

एकरा खातिर भी तोहरे हिदायत होई !

लालच में बानी सुनि के कि तोहार कफ़न के दूकान बा

त चलऽ ज़नाजा क समय कुछ त रियायत होई !

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दोस्त के हऽ?

जे बे बोलवले आवे,

बिलावजह सिर खाये

रउरा एक कहीं त ऊ चार सुनावे

कबो सतावे

कबो रुलावे

बाकि हरमेस साथ निबाहे...

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दुश्मनी अइसने करऽ कि

जब फेर से दोस्त हो जाइल जाव

त लजाए क ना पड़े.

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कुछ काम कइले बिना छूट जाला

कुछ बात कहले बिना छूट जाला

बाकिर बहुते कम लोग तोहरा जइसन होले

जिनकर याद भुलवलो पर छूट जाला.

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केहू पुछल हमरा से -

प्यार कब होखेला?

हम कहनी -

जब किस्मत खराब होखे,

रउरा लगे कवनो काम ना होखे,

राशि पर शनि सवार होखे,

आ उपर वाला के मन में,

रउरा से मजाक करे के विचार होखे....

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मु्स्कान का पाछा हरदम खुशी के बात ना होला

आँसू का दरियाव में हमेशा गम के बात ना होला.

दूरी बढ़ जाव कतनो दोस्ती आ मोहब्बत में

प्यार के भाव तबहियों कम नही होला...

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जानियो के ऊ जान ना पइलें हमके

आजु ले पहिचान ना पइलें हमके.

उनका पर इल्जाम ना लागे कवनो

एहसे खुद ही कर लिहनी बेवफाई उनसे..

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जिनिगी में

नया नया रिश्ता बनवला से बेहतर

पुरनका रिश्तन में

नया जिनिगी डालल होखेला.

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का कहीं?

कहाते नइखे.

कहला बिना रहातो नइखे.

तोहार ई चुप्पी हमरा से सहातो नइखे.

यार! कुछ त बोलऽ.

मुँह त खोलऽ.

हमहूं त जानीं कि

का घोंटत बाड़?

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जिनिगी बहुत छोट होले.

मुसुका लीं जबले दाँत बा.

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कारण पता चलल तहार मुँह छिपावे के

चुरा ना ले जाव केहू अदाज मुसकाये के

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दुनिया के देखनी जीत के

छूंछे सभे गइल

ओकरे रहल बा जेकर

निबहल बा यार से.

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अनजान मुलाकात पहिचान बन गइल

एगो नेह भरल रिश्ता के आधार बन गइल

दू कदम तू चललऽ दू कदम हम,

आ दोस्ती के राह आसान बन गइल.

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का हो,

ना त एगो फोन ना एसएमएस !

आ हमेशा मोबाइले झमकावत रहेलऽ.

अरे मरदे, रखले बाड़ऽ त इस्तेमाल कइल करऽ.

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चईता में रामजी जनम लें

हो रामा, घरे घरे.

घरे घरे आनन्द बधईया

हो रामा, घरे घरे.

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चूहा शेरनी से प्रेम देखवलसि

लाल गुलाब भेंट चढ़वलसि

शेरनी धिक्करलसि -

चल पहिले आपन शकल त देख.

चूहा जवाब दिहलसि -

शकल पे मत जा, हमार जजबात त देखऽ

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याद करबऽ त याद आ जायेम

देखल चहबऽ त दिख जायेम

बाकिर भुलाइयो के जन भूलईहऽ हमरा के

ना त अइसन लुकायेम

कि फेर नजर ना आयेम...

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वरुण गाँधी के फाँसी पर लटका देबे के चाहीं.


 

 

काहे ? 

 

 

 

 

काहे कि अफजाल के फाँसी पर लटकावे में दिक्कत आ रहल बा....

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सब केहू के बता दिहल जा रहल बा कि हम पीएम का रेस में शामिल नईखीं.


 

वईसे मिल जाई त बईठे में देरी ना करेम.

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सबले निमन के ?


हमरा भईया के साली के दीदिया के देवर. आउरी के !

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बढ़िया लोग के संगति

ईत्र के दोकान जइसन होला.

रउरा किनी भा ना

गँध त मिलिये जाई

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पिटाईल चोर आ उपासल पाहुन फेर लवटि के ना आवे.

बाकिर तूँ ?

तहरा के का कहल जाव ?

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रंग से भरल शाम होखे राउर

चाँद से भी ज्यादा शान होखे राउर

जिन्दगी के सिर्फ एगो रहे मकसद

की लंगूर से भी ऊचा छलांग होखे राउर ..


बुरा मत मानब होलिये नु हां

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साली मोर बनारसी, होठे लाली पान

फागुन में अइसन लगे जस बदरी में चान

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भावुक हो तोहरा बिना कइसन ई मधुमास

हँसी-खुशी सब बन गइल बलुरेती के प्यास

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अइसन त बात नइखे

हरदम तू इयाद रखबू

अतना त तय बा तबहूं

हमके भुला ना पईबू...

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राजीव गाँधी सच्चा भारतीय रहलें जे हर हिन्दुस्तानी के अपना भाई बहिन लेखा मानत रहलें.





एहि चलते बिआह करे खातिर विदेशी लड़की ले आवे के पड़ल.

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बसिया खईबऽ कि टटका बना दीं ?

एक संगे सूतबऽ कि भूईयां बिछा दीं ?

चुपचाप रहबऽ कि

सबके बता दीं ?

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लइका :- हमरा से बियाह कर लऽ ..

लइकी :- ना हम ना कर पाइब.

लइका: काहे ? का परेशानी बा ?

लइकी : हमार घर वाला लोग कभी ना तैयार होइहन.

लइका: घर में के के बा ?

लइकी : हमार दू गो छोटका आ एगो ऊ....

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शहर के गली में पान के दुकान ..

देव दास देखलन पारो के मुस्कान

देव दास खियवलन पारो के पान ..

पान खा के कहली "शुक्रिया भाई जान"

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ईहो मेकअप

उहो मेकअप

ऊ लेट होखेले त मेकप करेले

ई मेकप करेले त लेट हो जाले.

बतावऽ के का हऽ ?

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चाँद के गुरुर बा कि

ओकरा लगे हूर बा.

त का भइल ?

हमरो गुरुर बा कि

हमार दोस्त लंगूर बा ..

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मुन्ना भाई : अगर बिना दाँत वाला कुकुर काट ले त का करे के चाही ?


सर्किट : सिंपल बा भाई, बिना सुई वाला इंजेक्शन लगवा लेबे के चाही .

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मिले आवे के बात करेलू,

दिल जलावे के बात करेलू,

चार दिन से मुह त धोवले नईखी,

तू नहाये के बात करेलू

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शेर सुने आ सुनावे में त बड़ा निमन लागे ला बाकिर जब सामने आ जाला त पाजामा आगा से गीला आ पाछा से पीला हो जाला. देखीहऽ कहीं भेंटा मत जाव !

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कभी हौसला भी आजमा लेबे के चाही

आ बुरा वक्तो में मुस्कुरा लेबे के चाही

अगर सात दिनो में खुजली ना होखे तबहियों

अठवा दिन त जरुर नहा लेबे के चाही

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जेकरा के समझनी कोयल ..

उ कौवा निकलल ..

दोस्ती के नाव पर उ हौवा निकल....

जे करत रहे मना की मत पीहऽ तू शराब..

आज ओकरे जेब से पौवा निकलल ..

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पत्नी : सुनीना कि स्वर्ग में पत्नी के साथे पति के ना रहे दिहल जाला..

पति : सही सुनले बाडू.

पत्नी : अइसन काहे..

पति : अरे पागल, एही से त ओकरा के स्वर्ग कहल जाला

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कोहरा का धुंध मे परछाईं जस लऊकेलऽ,

कानन का गूंज में शहनाई जस बाजेलऽ,

साथे रहेलऽ त आपन जईसन लागेला, ना त सीना के साँसो पराया जस लागेला....

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तोहरी बगिया बसंत मुस्काईल करे, भँवरा पिरीती के गीत गुनगुनाईल करे, नेह रीते ना कबहू न बाती घटे, तोहरी जिनिगी के दिया जगमगाईल करे .


-‍ देवकान्त पाण्डेय,

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बबुवा तहरा बाबु जी के उम्र केतना होई ?

- जेतना हमार बा.

ई कइसे हो सकेला ?

- जब हम पैदा भईनी तबे नू ऊ बाप बनलन !


- ‍ प्रवीण सिंह

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पहिले केहू पर दिल ना आईल, 

तहरा से मिलनी त चैन हमरा आईल, 

प्यार में पागल होके कइनी अतना मैसेज, 

दस हजार के बिल हमरा मोबाइल के आईल


- ‍ प्रवीण सिंह

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जब से तहरा के जान गइल बानी

तब से तहरा के मान गइल बानी

हमरा हर दुआ में तहर नाम आवेला

कि पूछी हम रब से कि

ई कईसन नमूना बना देले बानी



- ‍ प्रवीण सिंह

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क्रिसमस आ बड़ा दिन का अवसर पर रउरा सभे के बधाई. परमपिता का कृपा से रउरा सभन के नया सालो निमन बीते.

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उ रेशम जैसन बाल वाली

भूरी भूरी आख वाली

राह भटक के अँधेरा में

तहरा पास आके धीरे से बोली ..... मियाऊ.

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भौजी (भइया से गुसामें) .. तहरा दिमाग में त भूसा भरल बा कुछ समझबे ना करेला ..

भइया( प्यार से) .. त इतना देर से खात काहे बाडू


- ‍ प्रवीण सिंह

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सूरत पर तहरा फ़िदा होके,

अईसन तस्वीर बनवले बानी.

हमरा घर पर नजर ना लगे कोई के,

एही से तस्वीर बाहर गेट पर लगवले बानी....

- ‍ प्रवीण सिंह

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सवाल - मरद (पति) आ गदहा में का फरक होला ?


जवाब - मरद अकसरहां गदहा निकलेलन जबकि गदहा अतना गदहा ना होला जे ऊ मरद बन जाव.


- ‍ प्रवीण सिंह

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- ‍ प्रवीण सिंह

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- ‍ प्रवीण सिंह

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- ‍ प्रवीण सिंह

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- ‍ प्रवीण सिंह

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अगर मरद अपना मेहरारू से कवनो बहस जीत जाव तऽ ओकरा का करे के चाहीं ?


चैन से जिये के मन होखे तऽ माफी माँग लेबे के चाहीं !

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ना जाने कब कवनो तारा टूट जाय

ना जाने कब आँख के आँसू छूट जाय.

कुछ घरी हमरा संगे हँस लऽ ए दोस्त.

का जाने कब तोहार सामने के दाँत टूट जाय

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रात में जागल मत करऽ सूत जाईल करऽ.

अइसहीं मन में आँसू मत रोकल करऽ रो लिहल करऽ.

हमरा ईयाद में त हरमेस रहेलऽ गुमसुम.

कबो कबो अपनो के ईयाद कर लिहल करऽ.

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हाट बाट के दोस्ती, बदरायन संबंध़

बहत हवा ना दे सकी बारमबार सुगन्ध.

दोस्ती अजमावे के बात ना, निभावे के बात हऽ, बुझलऽ ईयार ?

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काश कि रउरा बकरी होखतीं.

हम रउरा के प्यार से घास खियईतीं

आ फेर प्यार से सींग पकड़ के हिलइतीं

आ पूछतीं

चुटपुटिहा के भेजी ?

आ रउरा मिमियतीं मैं.. मैं.... मैं....

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उम्मीद नइखे तबहियो जियत जात बानी.

खाली बा बोतल तबहियो पियल जात बानी.

हिम्मत देखऽ हमार, रिस्पांस मिलत नइखे

तबहियो चुटपुटिहा लिखत जात बानी.

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बहत गंगा में हाथ जरुर धोवे के चाहीं,








बड़ा पुन्न होला!

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खइले के ना हऽ, पचवलो के हऽ

काजर कइले के ना हऽ, मटकवलो के हऽ.

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मन मगन रहऽतावे, सुन्दर लागऽता दुनिया.

जब से खुलल बा वेबसाइट अँजोरिया.

भले चाँद सूरज में गरहन लागत रहे,

या अल्लाह कयामत ले अँजोरिया सलामत रहे.

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मेहरारू अपना मरद से पुछलसि,

सुहागराति मे जब पहिलका हालि हमरा के देखलऽ त तहरा कईसन लगनी?

मरद जवाब दिहलसि,

हम त मरिये गईल रहितीं

अगर हमरा हनुमान चालीसा ईयाद ना रहल रहित!

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सभ केहू व्यस्त बा

अपना जिनिगी का भँवर में.

अइसना में एगो चुटपुटिहा

धीरे से कहि जाले कि

केहू बा,

जे तोहरा के भुलाईल नईखे.

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औरतन के गलती के गिनती नइखे

जबकि मरद दूइये गो गलती करेले...





एगो जवन कहेले

दोसर जवन करेले.

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एह उम्मीद के टूटे मत दीहऽ

दिल के लगी के कम होखे मत दीहऽ

दोस्त मिलिहन बहुते हमरो ले बढ़िया

बाकिर केहू के हमार जगहा लेबे मत दीहऽ

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एगो लड़की से पूछनीं कि

शादी का होला?

कहलसि -

ढेर लोग के सराही नजर छोड़ के.

एक आदमी के ओरहन सुने के मजबूरी!

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समय से पहिले आ भाग्य से अधिका,

ना तऽ मिलल बा, ना मिली.

बाकिर तहरा का मालूम कि तहरा भाग्य में कतना बा आ तहार समय कब आई ?

एहिसे तू बस हरदम लागल रहऽ !

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आपन खयाल रखीहऽ !

ना.

जीते वाला आपन खयाल ना राखे,

ऊ जिम्मेदारी उठावेला, जोखिम उठावेला,

आ हालात पर काबू राखेला !

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पेन्सिल पाँच बाति सिखावेले :-

जवन कुछ करबऽ ओकर निशान रहि जाई

तू आपन गलती हमेशा सुधार सकेलऽ.

असल चीज ऊ बा जवन तहरा भीतर बा.

जिन्दगी अक्सरहाँ दुखदायी तरीका से तहरा के चोख करी.

आ सबसे बड़ बाति ई कि

अपना के उपरवाला के इशारा पर छोड़ दऽ जेकरा हाथ तहरा के सम्हरले बा.

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करबू तू याद कभी कहत राठौर रहे,

बूझबू तू प्रीत हमार, हमरा गुजरला पर.

तबहूँ बहईह मत अँखियन से लोर कभी,

पानी ना छिड़काला आगी में जरला पर.

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जनतीं जे अइसने मरजी बा तहरो तऽ

कहिये हम मर जइतीं, धिक्कार अइसन जियला पर

अक्सरहाँ होखेला दुनिया में अइसन कि

याद करेला लोग केहू के मरला पर.

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कबहूँ त भोर होई, कबहूँ छँटी कुहासा

‘भावुक’ ई मान लऽ तू आगे अन्हार नइखे

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हमरा आजुवो इयाद बा तहार पहिलका एसएमएस,


हम लिखले रहुवीं कि भेजे वाला चाल्हाक, पढ़ेवाला बुड़बक.


तू खिसिया के लिखले रहलऽ,


ना ! 

भेजेवाला बुड़बक, पढ़ेवाला चाल्हाक !

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दिल्ली के सरदी,


जैसलमेर के गरमी,


मुम्बइ के बरखा,


पटना के करप्शन,


काश्मीर के आतंकवाद,


अफ्रीका के साँप,


आ यूपी के " आप "


बाप रे बाप !

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बिहार के डाक्टर,


यूपी के पुलिस,


आ बंगाल के लड़की,


लाजवाब होलें.

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सर्किट मुन्ना भाई से - भाई गाँधी जयन्ती का बारे में बतावऽ


मुन्ना भाई - गाँधी मस्त सॉलिड आदमी रहन यार. बाकिर मा कसम अपुन तनिको नइखे जानत कि जयन्ती का संगे उसुका का लफड़ा रहुवे.

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तहरा बारे में कुछ सुने में आइल हऽ.

जब फुरसत मिले बतिया लीहऽ.


 


 


 


 


 


 


 


 


 


पहिले पूरा एसएमएस पढ़ लिहल जाला.

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का सोचत बारऽ हम तहरा के रोज रोज एसएमएस काहे करेनीं ?


तहरा से छोह खातिर ?


तहरा से मोह खातिर ?


अरे बेवकूफ परेशान करे खातिर केहू आपन जरुरी होला ! एहसे !

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पता ना लोग कइसे एक एक महीना ले ना नहावऽ. हमरा तऽ उनतिसवे दिन खुजली हो जाला.


बा रउरा लगे कवनो उपाय ?

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एगो आदमी रामन्दिर में जाके भगवान से अपना भुलाईल मेहरारू के खोज देबे के निहोरा कइलसि.


रामजी बोललन - बगल का हनुमान मन्दिर में जाके निहोरा करऽ. हमरो मेहरारू ऊहे खोजले रहन.

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जइसन बीतल वइसन भोगनी.


अब आगा से निमन बीतो.


जवन बीत गइल तवन बात गइल.


चलऽ फेर से नया शुरुआति कइल जाव !

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जवन बीत गइल ऊ इतिहास हऽ,


जवन आवे वाला बा ऊ भविष्य.


हमरा तहरा हाथ में बस आजु के वर्तमान बा.


आवऽ हँसल जाव, खेलल जाव !

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बतावऽ तऽ जानीं


वैलेन्टाइन डे १४ फरवरी के लोग अइसन का करेला कि नव महीना बाद १४ नवम्बर के बाल दिवस मनावे के पड़ जाला ?

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आपन हार आ मेहरी के मार


कहल ना जाला.


 


सह लिहल जाला !

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उनके के सब पूछ रहल, धन बा जिनका पास

हमरा छूछे भाव के, के डाली अब घास

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तू हमरा ओरि ताकऽ,

हम तहरा ओरि ताकीं.


आ अँखिये अँखिये में एसएमएस कईल जाव!

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भगवान करसु तहार बेटा जीये,


आ उमिर भर तहार खून पिये.

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हमरा ईहाँ अईबऽ त का का ले अईबऽ ?


तहरा किहाँ आयेब त का का खिअईबऽ ?

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शुभचिन्तकजी, अईलन,


मुसकुरईलन.


चाय पियलन.


फेर कहलन,


बड़ा खराब हालत बा यार,


दे दऽ कुछ रुपिया उधार.


तबसे फेर मुँह ना देखवलन,


बढ़िया शुभचिनतक रहन.


शुभ आपन कईलन, चिन्तक हमके बनवलन.

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सुनल हऽ कोर्ट एगो आदमी के बलात्कार के दोषी पाके ओकरा पर ११ हजार ४२० बीस रुपिया जुर्माना ठोक दिहलसि.


ई कवन हिसाब भईल ?


१०००० रेप करे खातिर, सैकड़ै चार का दर से वैट ४०० रुपिया, आ सैकड़ा १०.२ का दर से सर्विस टैक्स १०२० रुपिया !

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लक्ष्मीजी त हमार पतवे भुला गइल बाड़ी.

कहीं भेंटास त हमार इयाद दिया दीह.

आ कह दीहऽ कि हम इन्तजार करत बानीं.

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हाल दुनिया के का कहीं, यारे

झूठ के साँच बनावल जाता

देश के अबले ना सूरत बदलल,

झूठहूँ हल्ला मचावल जाता.

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मुँह पर बड़ाई आ पीठ पाछा बुराई करे वालन से दुनिया भरल बा.

दोस्त ऊ होला जे मुँह पर दोष बतावे आ पीठ पाछा बड़ाई करे.

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हजार गो दोस्त बना लिहल आसान बा.

एगो दोस्त बनावल मुश्किल!

जे हजार गो दुश्मनन का सामने दोस्ती निभा सको!

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सपना देखि जुड़ा गइले जियरा

सपना अब ना देखावऽ हो राम !

जमीनी हकीकत सकारऽ आ लाग जा अपना काम में.

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साथी तहरा गाँव में,

कइसन मचल अन्हेर.

आवे जाये के डहर

सब दिहले बा घेर.

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जीयऽ...

जागऽ...

चूल्हा में लागऽ....

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"आठ कुआँ नौ बावड़ी, बा सोरह पनिहार

भरल घइलवा ढरकि गे हो, धनि ठाढ़ पछितात.

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हम से रउवा बिछड़ के त देखीं कबो

नाहिं हियरा में आई करार तनिको

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मरल आस- विश्वास जो अउर गइल मन हार.

तब बूझीं जे आदमी, भरलो-पुरल भिखार.

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सतसइया के दोहरे

अरु नावक के तीर

देखन में एसएमएस लगें

घाव करें गम्हीर.

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जिनिगी से अकुलाईं मत,

रो रो के पछताईं मत.


आँसू के कीमत समुझीं,

जहें तहें ढरकाईं मत.

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मन कहलस कि चलऽ एसएमएस करीं.

सोचनी कि ई पागलपन हऽ

रात अधरतिया केहू के एसएमएस कइल.

फेर सोचनी कि जाए दऽ

जेकरा के करत बानीं

उहो त पागले हऽ.

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साँच के हरान भले कर दिहल जाव,

हरावल ना जा सके.

साँच पर टिकल रहऽ ऐ दोस्त,

आखिरी जीत तहरे होखी.

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आज के काम काल्हु कइल जाई,

काल्हु के परसो.

जल्दी जल्दी का बा जब,

जिए के बा अभी बरसों.

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जेकरा गरमी बरदाश्त ना होखे से चुहानी में ठाढ़ ना होखे!

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तन के, मन के, घर आंगन के कीचड़ पाँक हटा दीं.

प्रेम प्रीत के रंग अबीर हँस के खूब लगा दीं.

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रात कब हो गइल, खुशी कब खो गइल, आँख कब रो गइल?

तोहरा वियोग में अस डूबल रहीं कि कुछ पता ना चलल.

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हँसेलऽ हँसावे खातिर,

रोवेलऽ सतावे खातिर,

एक बेर रुस के त देखऽ,

मर जाइब हम तोहके मनावे खातिर!

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हर खुशी के राह तहरा तरफ मोड़ दीं.

आसमान से तहरा खातिर चांद सितारा तोड़ दीं.

अतने से काम चल जाव त ठीक रही.

ना त कहऽ त दू चार गो झूठ आउरी जोड़ दीं?

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जोतिषी जी बतलवलन हा कि तोहरा मोबाइल पर अबहीं कंजूसी के महादशा चलत बा. जल्दी से एगो एसएमएस भेजि के ओकर शान्ति करावऽ ना त तहार मोबाइल चोरी हो जाए के पूरा अनेसा बा!...

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दू गो दोस्त रहले.

नीमन दोस्त रहलें.

बहुत नीमन दोस्त रहलें.

बहुते नीमन दोस्त रहलें.


अरे छोड़ ना यार! हमनी से नीमन थोड़हीं रहलें...

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तहार नाम लेत भोर से साँझ करी ला,

हर पल तोहरा के अपना पास देखि ला.

जतना बेर साँस ना तू लेहत होखबू,

ओह ले अधिका त हम तोहके इयाद करी ला.

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हर जुबान पर तहरे नाम होखी,

हर कदम पर दुनिया के सलाम होखी,

मुश्किलन का सोझा डटल रहीहऽ,

दुआ बा हमार एकदिन,

सफलता तहार गुलाम होखी!

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आठ गुणे तीन बराबर एगारह.


कइसे?



गलती से!

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अइसन त बात नइखे कि हम हरमेस इयाद आएम,

तबहूँ बा भरोसा, रउरा भुला ना पाएब.

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वन्दे मातरम!

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अमर रहे गणतन्त्र हमनी के!

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मीठ कि जइसे होखे मिसिरी,

तीत कि जइसे मिरचा झूठ.

इयार के बोली के कुछ सवादे आउर होला.

बस तू कहत रहऽ

हम सुनत रहीं!

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नीमना दिन में दोस्त चिन्हेलें,

बाउर दिन में दोस्त चिन्हालें.

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का हो गइल बा जे तू गलत राह पर ढेर आगा ले चलि गइल बाड़ऽ! 

लवटि आवऽ. अबहीं देरी नइखे भइल.

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सूअरन से कबो मत लड़ीहऽ.

तहार कपड़ा खराब होखी आ ओकनी के मजा आई.

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गठरिया तोर कि मोर?

अगर कहलसि कि मोर त

पहिले कपरवा फोड़

फेर गठरिया छोड़.

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इहे जिनिगी हऽ :

-

तीन गो पुरान दोस्त,

तीन गो अलग अलग शहर,

तीन गो काफीके मग,

आ एगो इण्टरनेट मैसेंजर.

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पता ना तू कइसे भर भर महीना ना नहालऽ,

हमरा त उनतीसे दिन में खुजली हो जाला.

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नौकर अइसा चाहियें, माँग चूंग के खाय.

चारो पहर हाजिर रहे, घर कबहूं नहीं जाय!

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नदी में जहाज तू,

अकास में के चाँद तू.

फूल में गुलाब तू,

हीरा में कोहिनूर तू,

सबले बढ़ के

हमरा बाग के लंगूर तू!

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ना जाने कइसन एह जुग के असर बा,

पाथर का पहरा में शीशा के घर बा.

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बड़का वकील कानून जानेला, बढ़िया वकील जज!

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इयरवा से लागल बाटे इयरिया, पियवा से चोरिया चोरिया ना.

जा बचा के!.....

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एगो शरीफ आदमी मर गइल.

बीमा कम्पनी भुगतान देबे से इन्कार कर दिहलसि.

कहलसि कि....



ऊ जिअबे कब कइल कि बीमा करा लिहलसि?

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उड़ सकेलऽ?

संजीवनी बूटी ले आ सकेलऽ?

समुन्दर लाँघ सकेलऽ?

ना नू?


बेटा

खाली बानर लेखा मुँह राखला से

हर कोई हनुमान जी ना बन जाई!

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अखबार में पढ़नी ह कि

दोस्तन के एसएमएस भेजला से हार्ट पर असर पड़ेला.

बस, आज से बन्द!

का?


 

अखबार पढ़ल!

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जे तहरा खातिर काँट बने 

तू कर दऽ ओकरा भाला,

उहो सार समुझ जइहन कि 

पड़ल केहू से पाला.

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केहू खातिर चार पल के इन्तजार गरज हऽ, चार घण्टा भरोसा हऽ, चार दिन दोस्ती हऽ, आ चार जनम प्यार हऽ!

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राजपूत के बाबू कहले, ब्राह्मण के खिअवले,

लाला के लेले देले, राड़ के लतियवले.

जइसन देवता, वइसन पूजा.

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फर्स्ट ना त सेकण्ड 

ना त थर्ड कहाँ जाई, 

पास ना त फेल 

केकरा बाप से रोकाई?

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चढ़ल सेज स्वामी सजे,

रन बन में तलवार,

सूरज चान आकास में,

बिंदी बीच लिलार.

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अइसन बानी बोलिये कि जम के झगड़ा होय,

पर ओहसे कुछ ना बोलिये

जो तुमसे तगड़ा होय..

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गणेशजी के पेट जस बड़ खुशी,

सूंढ़ जस लमहर जिनिगी,

मूस जस छोट परेशानी,

आ लड्डू जस मीठ अनुभव मिलो.

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प्यार में वादा रहे कि अलगा होखला पर ना जीअम. ऊ आपन वादा पूरा कइलन आ प्रेमिका के बिआह का चालीसे साल बाद भरल पूरल परिवार छोड़ के गुजर गइलन.

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इन्सान वादा तूड़ेलें,

ईयाद इन्सान के तूड़ देले.

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मरद मूड़ी आ मेहरी गरदन होले.


गरदन मूड़ी के जब जेने मन करेला वोइसे घुमा लेले.

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